THE PIVOTAL
#ALL_LOVERS_POETRY
Thursday, 13 March 2025
Saturday, 8 March 2025
हमारा गौरावशाली बिहार
हमारा गौरावशाली बिहार
तेजस की मैं उड़ान हूँ,
गणतंत्र की मैं पहचान हूँ,
कूटनीति का मैं प्रमाण हूँ,
हाँ! मैं बिहार हूँ |
विश्व को प्रथम लोकतंत्र, अहिंसा,सदभाव, करुणा व प्रेम का सन्देश देने वाली ज्ञान एवं संघर्स
की भूमि बिहार के स्थापना दिवस कि आप सभी को बधाई !
आदरनिय निर्देशक महोदय, उपस्थित गुरुवर, विशिष्ठ अतिथिगण को मेरा सदर प्रणाम तथा मेरे प्रिय सहपाठियों
को नमस्कार |
आज मैं आप सभी के समक्ष भारत के ऐतिहासिक,
सांस्कृतिक और बोद्धिक धरोहर से सम्रिद्य
राज्य पर अपने विचार प्रशुत करने जा रहा हूँ |
बिहार केवल एक भौगोलिक राज्य ही नहीं बल्कि यहाँ भारत कि सभ्यता और संस्कृति की
जन्म भूमि भी है यह वही भूमि है जहाँ से ज्ञान, धर्मं और स्वतंत्रता संग्राम कि
अनेक धराये प्रवाहित हुई है |
बिहार का इतिहास
हजारो सालों की सुनहरी दास्ताँ हैं | यह बुद्ध और महावीर कि धरती है जिन्होंने
दुनिया को ज्ञान का पाठ पढाया है यहाँ चाणक्य ने राजनीती और अर्थव्यवस्था से
संबंधित जो ज्ञान दिया वो आज भी वर्तमान राज्यव्यवस्था कि फिजाओ में तैरती है ये
भूमि देवी माँ सीता की है भगवन महावीर और तथागत बुद्ध की है यह धरती गुरु गोविन्द
तथा आर्यभट्ट कि है यहाँ चन्द्रगुप्त, अशोक और शेरशाह का शोर्य मोजूद है |
हमारा बिहार
बेमिशाल है यह भागलपुर कि सिल्क की तरह मुलायम,
मुजफ्फरपुर की लीची की तरह मीठी और हाजीपुर के केले की तरह स्वादिष्ट है तो
पूरा प्रदेश मधुबनी पेंटिंग की तरह खुबसूरत है तथा यहाँ की कलम वाल्मीकि की रामायण
कि जितनी पवित्र है यह धरती पुण्य सरीला माँ गंगा कि धारा का है यहाँ छठ कि
पवित्रता है |
बिहार परिवर्तन कि भूमि है इसने हमेशा देश को रास्ता दिखाया इस प्रदेश में
युवा पीढ़ी की उत्साह तथा नवाचार कि लहर है आज बिहार विकाश कि नई कहानी गढ़ रहा है
जिसकी तस्वीर बिहार के हर क्षेत्र में देखने को मिलती है विकाश ऐसा जिसमे सबकी
भागीदारी है सफलता की हर मंजिल में बिहार सबसे आगे मिलते है | इसी के साथ मैं अपनी वाणी को बिराम देता हूँ
अगर मुझसे कोई त्रुटियाँ हुई हो तो मझे क्षमा करें |
Prepared by bittu soni
Friday, 20 March 2020
उदासी
Saturday, 28 September 2019
यादेँ
Friday, 29 March 2019
"माँ"
Tuesday, 26 March 2019
Friday, 15 March 2019
HASIN RAAT
रात के इस आखरी पहर में कोई ख्वाब सताने लगी,
न जाने क्यों तुम फिर याद आने लगी।
अब तो तेरी याद तड़पाने लगी,
दूर होकर भी तुम पास आने लगी।
चाहत भी ये रज़ा मांगने लगी,
हर दुआ में तुझको बेवजह मांगने लगी।
वीरानी रात भी मुझसे कुछ कहती है,
न जाने दिल किस तरह दर्द ये सहती है।
चिड़ियों की चहचहाट में भी तेरी आवाज सुनाई देती है,
न जाने क्यों ये सुन के दिल रो देती है।
अब तो तन्हाई में भी तेरी घुंघरू की आवाज सुनाई देती है,
अब तो दिन रात बस तेरी ही ख्याल रहती है।
By:-Bittu Soni
Sunday, 10 March 2019
Sunday, 3 March 2019
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My Mom In your eyes I see the pain, Slowly the tears roll down, they won't refrain. I look down to the floor as if...
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