Saturday, 28 September 2019

यादेँ




आवारा शाम कि तरह ढलता रहा
तेरी ख्यालों को पिरोता रहा
गम-ए-ज़िन्दगी को जीता रहा 
कैसे दुहराऊ उस कहानी को मै,
जिसे हर साँस में याद करता रहा
पुरानी दर्द  के सहारे जीता रहा
तेरी यादों को संजोता रहा
न चाहते हुए तुझे याद करता रहा
फूलों कि तरह मैं बिखरता रहा
सायद एक दिन तुम मिलोगी
बस इसी ख्वाइस में जीता रहा \



By:- Bittu Soni

यादेँ

आवारा शाम कि तरह ढलता रहा तेरी ख्यालों को पिरोता रहा गम-ए-ज़िन्दगी को जीता रहा  कैसे दुहराऊ उस कहानी को मै, जिसे हर साँस में य...