Wednesday, 23 May 2018

बीते लम्हे short story2

                      बीते लम्हे



लम्हे जुदाई को बेकरार करते है हालत मेरे मुझे लाचार करते है ,
कोई न मिला ऐसा जिस पर दुनिया लुटा देते ,
सबने दिया धोखा किस-किस को भुला देते |
दिल का दर्द दिल में ही दबाये रखे है ,
बयां किया होता तो महफ़िल को रुला देते |
बस यादों के सहारे जीता गया दर्द-ए-गम को पिता गया ,
जख्मो को अपने सीता गया |
चाह थी एक हमसफर कि मुझे ,
तुमने दिया धोखा और फिर भी मैं लड़खड़ा के चलता गया |
न साथ मिला तेरा न मिली तेरी वफाए बस मिली चंद यादें और इसके सहारे मैं जीता गया | 


                  composed by :- Bittu soni

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