Monday, 17 September 2018

"सिगरेट पिता हूँ मैं"

                        सिगरेट पिता हूँ मैं


तेरे जाने के बाद भी जीता हूँ मैं,

हाँ अब सिगरेट पिता हूँ मैं |

ऐसे तो धुआं मीठी नहीं होती है ,

हाँ लेकिन तेरी कड़वी यादों को उड़ने के लिए पिता हूँ मैं |

हाँ अब सिगरेट पिता हूँ मैं |

अपनी बेचैनी को हवा में उदा देता हूँ ,

और लोग कहते है, मैं सिगरेट बहुत पिता हूँ |

तुझे हर पल याद करता हूँ मैं ,

हाँ अब सिगरेट पिता हूँ मैं |


                          :- बिट्टू सोनी

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