जिंदगी एक सफ़र

जिंदगी एक सफ़र है ,
कभी हसती है कभी रुलाती है न जाने क्या-क्या सपने दिखती है|
दिल रोता है और होता है होटों पे हँसी, दर-दर की ठोकरे खिलाती है
फिर भी जिना सिखलाती है|

जिंदगी एक सफ़र है ,
न जाने किसकी तलाश है इसे बस यूँ ही भटकती  रहती है|
कभी तन्हाई में कभी रुसवाई में यूँ ही मचलती रहता है |
जिंदगी एक सफ़र है,
दर्द से भरी है फिर भी डट के खरी है
न कोई हम सफ़र न कोई हम दम फिर भी चल रही है |
चुपके से तन्हाई में रोती है ,न जाने किससे बाते करती है |
एक बरा सा नाटक है जिंदगी भी दोस्तों, कभी सुनती है तालियाँ,
कभी निराश होती है|

जिंदगी एक सफ़र है,
गुजरे हुए लम्हे कभी वापस नहीं आतें,
फिर भी यादों को सजाएं उदास होती है |
बस यूंही कट रही जिंदगी है ऐ जिंदगी बस तेरी यही कहानी है|
 

         रचनाकार :- बिट्टू सोनी

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